मंगलवार, 7 जुलाई 2026

कहानी: स्कूल के प्रति छात्र के कर्तव्य

कहानी: स्कूल के प्रति छात्र के कर्तव्य

शीर्षक: आदर्श छात्र राहुल

एक गाँव में राहुल नाम का एक छात्र रहता था। वह पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी कि वह अपने स्कूल से बहुत प्रेम करता था।

राहुल रोज़ समय पर स्कूल पहुँचता, साफ़-सुथरी वर्दी पहनता और प्रार्थना सभा में पूरे अनुशासन के साथ भाग लेता। वह अपनी कक्षा और विद्यालय परिसर को साफ़ रखने में शिक्षकों और साथियों की मदद करता था। कभी भी दीवारों पर नहीं लिखता और स्कूल की मेज़-कुर्सियों या अन्य सामान को नुकसान नहीं पहुँचाता था।

यदि किसी मित्र से गलती हो जाती, तो राहुल उसे प्यार से समझाता कि विद्यालय हमारी दूसरी पाठशाला नहीं, बल्कि दूसरा घर है, इसलिए इसकी देखभाल करना हम सभी का कर्तव्य है। वह शिक्षकों का सम्मान करता, नियमित रूप से गृहकार्य करता और विद्यालय के नियमों का पालन करता था।

एक दिन विद्यालय में स्वच्छ विद्यालय प्रतियोगिता हुई। राहुल और उसके साथियों ने मिलकर पूरे विद्यालय को साफ़-सुथरा रखा। उनके प्रयासों से विद्यालय को प्रथम पुरस्कार मिला। प्रधानाचार्य ने राहुल की ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी की प्रशंसा की।

शिक्षा (Moral):
एक आदर्श छात्र का कर्तव्य है कि वह विद्यालय के नियमों का पालन करे, शिक्षकों का सम्मान करे, विद्यालय की संपत्ति की रक्षा करे, स्वच्छता बनाए रखे और अपने अच्छे व्यवहार से विद्यालय का नाम रोशन करे।

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