गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

चलो नजरिया बदल कर देखते है पति पत्नी का



जिन औरतों के दिमाग़ में 

मेरा मायका, मेरी मम्मी, मेरे पापा
का दीमक लगा हो …ऐसी औरते अपना पति तो दूर की बात है 
अपना रिश्ता ही संभाल ले तो बहुत बड़ी बात है ..
ये बात तो आपने बहुत सुनी होगी पढ़ी होगी पर क्या ये बात मर्दों पे लागू नहीं होती ??? 
अब इस बात को Vice- Versa ( उल्टा ) करते हैं ..
कि जिन मर्दों के दिमाग में हमेशा उनका मायका, मेरे पापा, मेरी मम्मी, मेरा भाई का दीमक लगा रहता है वो अपनी पत्नी तो दूर अपना रिश्ता संभाल ले बड़ी बात है ।ये बात सुनने में आपको कड़वी लग रही होगी ना ?? तो अगर एक औरत से ये उम्मीद की जाती है की वो शादी के बाद अपना मायका भूल जाए मर्द से भी तो यही उम्मीद होनी चाहिए ना ?? या सारी उम्मीदें सारी अपेक्षाएं औरतों से ही हैं ??? माँ बाप तो दोनों के हैं, दोनों ने ही बराबर कष्ट सह कि पाला होता है चाहे बेटा हो या बेटी हो । अगर लड़की के माता पिता से ये उम्मीद है की वो शादीशुदा बेटी के जीवन में कम हस्तक्षेप करे, लड़के के माता पिता से वही अपेक्षा करनी चाहिए । मेरे हिसाब से तो तो दोनों को ही संतुलन बनाना चाहिए अपने रिश्ते में । और अपने रिश्ते को अहमियत देनी चाहिए ताकि रिश्ता समझदारी से चल सके और लड़की के माता पिता ही नहीं लड़के के माता पिता को भी ज़्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए । 🙏🏻 
आपकी क्या राय है ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

thanks